आतंकियों को सबक सिखाना ज़रूरी था: सय्यद आलमगीर अशरफ

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हिन्दुस्तानी फौजियों की तरफ से उठाये गए क़दम की आल इंडिया उलमा व मशाईख बोर्ड ने सराहना की एल ओ सी में घुस कर सर्जिकल ऑपरेशन ज़रूरी था।

प्रेस विज्ञप्ति (नागपुर महाराष्ट्र) 2 अक्टूबर

किसी भी हिन्दुस्तानी से उसकी देश भक्ति या देश प्रेम की सर्टिफिकेट लेने की आवश्यकता नहीं। हर हिन्दुस्तानी अपने देश पर मर मिटने को हमेशा तैयार रहता है। भारतीय मुसलमान कल भी भारतीय थे और आज भी भारतीय हैं। ज़रुरत पड़ने पर देश के लिए जान व माल को कुर्बान करने से पीछे नहीं हटेंगे। दुश्मनों के सीनों पर हम ने गोलियां भी चलायी है और वक़्त पड़ने पर हमने अपने सीने खोल दिये हैं। देश की आन बान और शान के लिए हमारे सर आज भी मौजूद हैं। मुल्क के विरुद्ध उठने वाली नज़र को हम ने कभी भी रंग, नस्ल, धर्म या समुदाय से नहीं जोड़ा।

बाबा ताजुद्दीन औलिया हिन्दू मुस्लिम एकता कमेटी की तरफ उड़ी में आतंकी हमले में शहीद फौजियों को श्रद्धांजलि अर्पित करने और भारतीय फ़ौज द्वारा सर्जिकल ऑपरेशन की सराहना में आयोजित चन्दन नगर मोहता साइंस कॉलेज रोड मेडिकल चौक नागपुर में एक प्रोग्राम के दौरान इन विचारों को आल इण्डिया उलमा व मशाईख बोर्ड महाराष्ट्र के अध्यक्ष हज़रात मौलाना सय्यद आलमगीर अशरफ ने व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि पिछले एक हफ्ते से हिन्दुस्तानी मुसलमान भारत सरकार से आतंकी हमले के जवाब में कड़ी कार्यवाई की मांग कर रहे थे। उड़ी में हुए आतंकी हमले से पूरा देश गुस्से में था। भारतीय फ़ौज ने एल. ओ. सी. में घुस कर जो सर्जिकल ऑपरेशन किया है वह सराहनीय है। हमें इस कार्यवाई से ख़ुशी हुई। हम इस का पूर्ण रूप से समर्थन करते हैं। आतंकियों और आतंक के समर्थकों को इस बात का एहसास दिलाना अति आवश्यक हो गया था की हम कमज़ोर नहीं हैं। उन्होंने ने कहा कि दुश्मनों ने हमारी इन्सान दोस्ती को हमारी कमजोरी समझने की गलती की है। इसी को आड़ बना कर कभी कश्मीरी भाइयों को बहकाने की कोशिश करते हैं तो कभी आतंकी हमले और सुसाइड बोम्बिंग की बुज्दिलाना हरकत करते रहते हैं।

स्थानीय पुलिस, सीनियर ऑफिसर्स, शिक्षक, स्कालर्स, समाजी कार्यकर्ता, धर्म गुरुओं और ज़िम्मेदारों के साथ मिलकर आयोजित इस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बोर्ड के अध्यक्ष ने कहा कि आल इंडिया उलमा व मशाईख बोर्ड पिछले एक दशक से धर्म के नाम पर बढ़ रहे कट्टरवाद के विरुद्ध लड़ाई लड़ रहा है। सांप्रदायिक और हिंसक लडाइयों के पीछे काम कर रही कट्टरपंथी विचारधारा के विरुद्ध एक आन्दोलन जारी किये हुए है और आज पूरे मुल्क की बड़ी और मजबूत आवाज़ बन उभर रही है। हम से देश प्रेम की डिग्री मांगने की बजाये सरहदों पर जान कुर्बान करने की बात कही जाये तो ख़ुशी होगी।

कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बात करते हुए उन्हों ने कहा कि अब वक़्त आ गया है कि इस तरह के बुज्दिलाना, शर्मनाक, मानवता के विपरीत हमलों के ज़िम्मेदारों को उनके अंजाम तक पहुँचाया जाये और एक कड़ा सबक सिखाया जाये। हमारी तरफ से अमन, शांति, दोस्ती और मुहब्बत के दरवाज़े हमेशा खुले थे और आज भी खुले हैं। लेकिन हमारी इज्ज़त पर हाथ डालने वालों को भी बख्शा नहीं जायेगा। उन्हों ने कहा की हमें कश्मीरी भाइयों और बेगुनाह अवाम के साथ हमदर्दी है। हमारी कुछ मजबूर, बेबस राजनैतिक कमजोरियों की उन्हें कीमत चुकानी पड़ रही है। लेकिन हमें यकीन हैं की वक़्त बदलेगा लोग गोली बारी और पत्थर बाज़ी जैसे संगीन हालात से निकलेंगे।

इस प्रोग्राम में सभी धर्मों और समाज के हर विभिन्न वर्ग के ज़िम्मेदार लोगों ने भाग लिया। चन्दन नगर की स्थानीय पुलिस के अलावा नागपुर जिला के आला सीनियर अधिकारिओं ने प्रोग्राम में भाग लेकर लोगों की हौसला अफजाई की।

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