क्या मोरनी, मोर के आंसु से गर्भवती होती है? 1400 साल पहले हज़रत अली (अ) ने जवाब दिया था

By WordForpeace.com
हज़रत अली अलैहिस्सलाम, पैगम्बरे इस्लाम के चचेरे भाई और दामाद हैं, उनका जन्म हिजरत से 23 साल पहले ( 601 ईसवी में) मक्का में काबे के भीतर हुआ था। चौथी सदी हिजरी में सैयद रज़ी नामक प्रसिद्ध धर्मगुरु ने उनके कथनों का संकलन प्रकाशित किया जिसे” नहजुलबलागा” कहा जाता है।
यह हज़रत अली अलैहिस्सलाम के कथनों और भाषणों का संकलन है। भारत के राष्ट्रीय पक्षी मोर के बारे में हज़रत अली अलैहिस्सलाम ने एक भाषण दिया था जिसे सैयद रज़ी ने ” नहजुलबलागा” में लिखा है। नहजुल बलागा में दर्ज भाषण नंबर 165 में हज़रत अली ने विस्तार से मोर और उसकी रचना पर बात की है,  एक हिस्सा इस तरह हैः
… रचना की दृष्टि से सबसे अधिक आश्चर्यजनक, ”मोर ” होता है जिसे उसने अत्यधिक मज़बूत संतुलन से बनाया और उसके रंगों को अत्यधिक व्यवस्था से सजाया है, ऐसे पंख दिए जिसके पर एक दूसरे पर चढ़े हुए हैं और लम्बी दुम बनाई कि जब वह अपनी मादा के पास जाता है तो उसे फैला कर उससे छतरी की भांति अपने सिर पर छाया कर लेता है जैसे वह किसी नौका का बादबान हो जिसे माँझी ने फैला दिया हो। अपने रंगों पर इतराता है,  मस्ती में अपनी दुम इधर-उधर हिलाता है, मुर्ग़ों की भांति समागम करता है और कामेच्छा में मस्त होकर नर की भांति मादा को गर्भवती करता है। यदि विश्वास नहीं है तो तुम स्वयं जाकर देख लो, मैं उस व्यक्ति की भांति नहीं हूँ जो कमज़ोर हवालों का सहारा लेता हो। यदि कोई यह सोचता है कि मोर अपनी आँखों से निकलने वाले आँसू की बूंद से अपनी मादा को गर्भवती करता है इस प्रकार से कि आँसू की बूंद उसकी पलकों पर ठहरती है और उसकी मादा उसे पी जाती है जिसके बाद वह यही आँसू पीने के कारण अंडे देती है न कि नर के समागम के कारण तो उसकी यह सोच उस व्यक्ति की सोच से अधिक आश्चर्यजनक नहीं है जो यह समझता है कि कौआ, अपनी चोंच से मादा को चारा खिला कर गर्भवती करता है। ”
( नहजुलबलागा भाषण 165)

 

Ghulam Rasool Dehlvi

Check Also

Ghulam Rasool Dehlvi explains Qur’anic Verses of Pluralism, Inclusivism and Peaceful Coexistence in Jamia’s National Conference on “Peaceful Coexistence in India”

By WordForPeace.com Correspondent “At a time when a complete theology of exclusivism has been propunded  …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *