जब 1965 के युद्ध का ज़िक्र होता है, तो अब्दुल हमीद की वीरता का ज़िक्र ज़रूर आता है

1965 के युद्ध का जिक्र आते ही अब्दुल हमीद की वीरता का जिक्र जरूर आता है । भारत के इस वीर सपूत नें अपनी वीरता के बल पर पाकिस्तान के नापाक मंसूबों को ध्वस्त कर दिया था ।

3-4

आपको बतादे कि महज 32 साल की उम्र के इस नौजवान ने पाकिस्तान से हुए इस युद्ध में कैसे तोड़ी पाकिस्तानी सेना की कमर. 1965 में जब पाकिस्तान ने भारत पर हमला किया तो भारत के वीर सपूतों ने मोर्चा संभाला।

इसी मोर्चे पर पाकिस्तान ने अपने अपराजेय माने जाने वाले टैंक अमेरिकन पैटन को लड़ाई में उतारा। पाक के इन टैंकों ने खेमकरण सेक्टर में हमला कर दिया।

हमीद ने अकेले ही पाकिस्तान के 7 टैंकों को ध्वस्त कर दिया। हामीद और उनके साथियों के हौसले के सामने पाक सैनिक ज्यादा देर तक टिक नहीं पाए और वापस लौटने को मजबूर हो गए।

हामीद बिना अपनी जान की परवाह किए पाकिस्तानी टैंकों के सामने खड़े हो गए। उस वक्त उनके पास सिर्फ गन माउनटेड जीप थी। उन्होंने अपने अनुभव से पाक टैंकों की कमजोरी का पता लगा लिया।

अपनी कीमती राय ज़रूर दें, शुक्रिया!

 

Extracted from muslimworld

Check Also

القضايا اللتي تعاني منها البيئة في هذا العصر الراهن والحل

WordForPeace.com القضايا اللتي تعاني منها البيئة في هذا العصر الراهن والحل الناجع من جهة الإسلام …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *