भारतीय सूफी परंपरा इस्लाम की सहिष्णुता की सब से खूबसूरत तस्वीर: ज्वाइंट कमिश्नर दिल्ली पुलिस

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जामिया फातिमा के विद्यार्थी इंग्लिश स्कूल के विद्यार्थियों से किसी तरह कम नहीं: श्री अजय चौधरी, ज्वाइंट कमिश्नर पुलिस
नई दिल्ली: 11, मई
अंजुमन रज़ा-ए- मुस्तफ़ा एवं सर्वोकोन द्वारा दिल्ली के प्रसिद्ध जामिया फ़ातिमा मदरसे का चौथा वार्षिक उत्सव ऐवाने गालिब सभागार माता सुंदरी रोड नई दिल्ली में किया गया।
मंच का संचालन मौलाना गुलाम रसूल देहेल्वी द्वारा किया गया। दिल्ली पुलिस के ज्वाइंट कमिश्नर इस मौके पर अपने संबोधन में अजय चौधरी ने कहा कि “आज दुनिया भर में इंडियन इस्लाम यानी सूफी परंपरा मशहूर है। इसकी वजह यह है कि इस ने इस्लाम की सहिष्णुता की सब से खूबसूरत तस्वीर पेश की है।”
 
इस मौके पर उनहोंने इस्लाम में वतन से मुहब्बत और देश प्रेम के बारे में जानकारी देते हुए अल्लामा इक़बाल को एक हिंदुस्तानी शायर बताते हुए उनका यह कलाम पढ़ा:
“मज़हब नहीं सिखाता आपस मैं बैर रखना
हिंदी हैं हम वतन है हिंदुस्तान हमारा”
उन्होंने कहा कि “दुनिया की कोई भी सरकार सिर्फ संविधान और क़ानून के ज़रिए जुर्म पर काबू नहीं पा सकती, बल्कि इसके लिए मज़हबी तालीम से मदद लेनी पड़ेगी। भारत में अगर अपराध पर काबू पाना है तो मज़हबी तालीम के ज़रिए इसमें काफी हद तक मदद मिल सकती है।”
दिल्ली पुलिस ज्वाइंट कमिश्नर  ने कहा:
जब बात इस्लाम की आती है तो दुनिया में कोई कुछ भी कहे, लेकिन हिंदुस्तान में आने वाला इस्लाम सूफी संतों के ज़रिए ही क़ायम हुआ, जिसमें प्रेम, शांति और सौहार्द्र की शिक्षा दी गई है। भारतीय मुसलमान इस मामले में दुनिया भर के मुसलमानों के लिए मिसाल हैं। मुस्लिम जगत को अगर कहीं से अम्न और सौहार्द्र की कोई रौशनी मिल सकती है तो वो हिंदुस्तान में क़ायम होने वाला इस्लाम है, जिसमें हज़रत निज़ामुद्दीन औलिया जैसे महान सूफी संतों का योगदान शामिल है।”
उन्होंने कहा कि, “मैंने जामिया फातिमा मदरसे के विद्यार्थियों की परफॉर्मेंस देखी तो लगा कि यह बच्चे इंग्लिश स्कूल के विद्यार्थियों से किसी तरह कम नहीं है।”
श्री चौधरी ने विशेष रूप से विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि आलोचना करने वालों की परवाह किए बगैर निरंतर अपने लक्ष्य की ओर बढ़ते रहो आपकी सफलता ही आलोचकों के लिए तमाचा होगी।
उन्होंने कहा “जो मदरसों में पढ़ने वाले बच्चों को  हीन दृष्टि से देखते हैं उनके लिए मदरसा जामिया फातिमा मिसाल है”।
 मंत्री इमरान हुसैन ने कहा कि एक मुसलमान के लिए आधुनिक शिक्षा के साथ-साथ मजहबी शिक्षा हासिल करना भी जरूरी है। उन्होंने खुशी का इज़हार करते हुए कहा कि बड़े हर्ष की बात है कि समुदाय में  मज़हबी शिक्षा के प्रति रुचि निरंतर बढ़ रही है। उन्होंने कहा जो लोग इंसानियत के लिए काम करते हैं अल्लाह ताअला उनकी मदद करता है।
इस मौके पर सर्वोकोन के डायरेक्टर ज़ाकिर हुसैन,आसिफ खान, फ़ेस ग्रुप के चेयरमैन डॉ मुश्ताक़ अंसारी, मोहम्मद इलियास,मोहम्मद अखलाक, शमीम खान, सलीम अंसारी आदि विशेष अतिथि के रुप में उपस्थित रहे।
मंच का संचालन मौलाना गुलाम रसूल देहेल्वी द्वारा किया गया तथा कार्यक्रम  जामिया फ़ातिमा के संस्थापक व प्रबंधक मोहम्मद इरफान अशरफी व मोहम्मद इकराम एडवोकेट की देखरेख में संपन्न हुआ।
सर्वोकोन के एम् डी हाजी कमरुद्दीन सिद्दीकी की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम में दिल्ली सरकार के मंत्री इमरान हुसैन, दिल्ली पुलिस के जॉइंट कमिश्नर अजय चौधरी,आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता दिलीप पांडे,दरगाह हजरत निजामुद्दीन के इंचार्ज सैयद अफ़सर निज़ामी, मंडी समिति दिल्ली सरकार के चेयरमैन नरेश डबास, निगम पार्षद दिल्ली गेट आले इकबाल, हफ़ीज़ एजुकेशन एकेडमी के चेयरमैन कलीमुल हफीज़ उर्फ़ हिलाल मलिक, पूर्व पार्षद जाकिर खान आदि गणमान्य व्यक्ति मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

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