मर्यादा पुरुषोत्तम के देश में रावण के वंशज ज़हरीली हंसी हंस रहे हैं, राम नाम को बेचने वाले खुश और राम को जीने वाले खौफ में हैं

WordForPeace.com

By Yunus Mohani

नफरत की सियासत ने आज हमे यहां पहुंचा दिया है कि गौतम बुद्घ के देश में एक हत्यारा एक गरीब मजदूर को पहले कुदाल से मार देता है फिर उसको तेल छिड़क कर जला देता है इतना ही नहीं इस पूरी शर्मनाक घटना का वीडियो बनाता है अपनी घिनौनी बदबूदार मानसिकता को शब्दों में ढाल कर उगल देता है और पूरा देश हिन्दू और मुसलमान पर बहस में जुट जाता है कुछ लोग इसे जायज़ ठहराने लगते हैं अधिकतर खामोश हो जाते हैं और कुछ खिलाफ बोलते हैं तो राष्ट्रद्रोही तक कह दिए जाते हैं । यह है न्यू इन्डिया का सच मर्यादा पुरुषोत्तम के देश में रावण के वंशज ज़हरीली हंसी हंस रहे हैं और रामनाम को बेचने वाले खुश और राम को जीने वाले खौफ में हैं। कृष्ण की मधुर बांसुरी खामोश है कंस की विचारधारा फलफूल रही है । त्योहारों के देश में मौत एक पर्व बन गई है शर्मनाक हरकत लोगों के चेहरों को खिला दे रही है ज़रा सोचिए हम कहां हैं?

आइये आप हिन्दू हैं ,अगर हैं तो कहते क्यों नहीं अरे आप मुसलमान है तो पहचान क्यों छुपा रहे हैं?आप सिख और इसाई भी हो सकते हैं पारसी या जैन भी पहले तो कभी आप यूं सहमे सहमे न थे अचानक क्या हुआ ? आखरी सवाल करूं आपसे क्या आप इंसान हैं ? बुरा मत मानिएगा मुझे आपके आक्रोशित होने से बहुत डर लगता है ,जब मै सवाल करता हूं तो मेरे परिवार के लोग मेरी सुरक्षा के लिए दुआ करते हैं आप भी इसी डर में तो नहीं है ?
डरिए क्योंकि आप भारत में नहीं हैं ! आप न्यू इन्डिया में हैं हमने मानव बम बना लिए हैं इसके लिए आपको बधाई हो हम प्रगति कर रहे हैं आप बस यूंही खामोश बैठे रहिए जल्द ही एक हत्यारों की दुनिया की सबसे बड़ी सेना आपके देश में तय्यार हो जायेगी। घबराने की जरूरत नहीं है आपका लाडला आपके ही घर का चिराग ऐसा हिंसक दानव बनेगा फिर कीजियेगा गर्व उसकी बहादुरी पर उसके शौर्य के चर्चे खूब करियेगा।
जब हिंसा अपने घर तक पहुंचती है तो बुरा लगता है जब शिकार दूसरा होता है तो तर्क और वितर्क सब होता है वह हिन्दू था फलाना मुसलमान था वह सिख था वह ईसाई हम अब यह बात भी नहीं करते कि वह भी इंसान था हम विकास कर रहे हैं यह विकास इंसानियत से ऊपर उठकर दानव बन जाने का है, तभी तो हम अब क्रूर हत्या पर मारने वाले और मरने वाले का धर्म पूछते हैं फिर सोंच समझ कर प्रतिक्रिया देते हैं पहले तो हमारे मुंह से बरबस ही “हे राम” “अरे अल्लाह” हे भगवान जैसे शब्द निकल जाते थे पर अब ऐसा नहीं होता हम विकास जो कर रहे हैं।
नफरत की सियासत ने आज हमे यहां पहुंचा दिया है कि गौतम बुद्घ के देश में एक हत्यारा एक गरीब मजदूर को पहले कुदाल से मार देता है फिर उसको तेल छिड़क कर जला देता है इतना ही नहीं इस पूरी शर्मनाक घटना का वीडियो बनाता है अपनी घिनौनी बदबूदार मानसिकता को शब्दों में ढाल कर उगल देता है और पूरा देश हिन्दू और मुसलमान पर बहस में जुट जाता है कुछ लोग इसे जायज़ ठहराने लगते हैं अधिकतर खामोश हो जाते हैं और कुछ खिलाफ बोलते हैं तो राष्ट्रद्रोही तक कह दिए जाते हैं ।
यह है न्यू इन्डिया का सच मर्यादा पुरुषोत्तम के देश में रावण के वंशज ज़हरीली हंसी हंस रहे हैं और रामनाम को बेचने वाले खुश और राम को जीने वाले खौफ में हैं।
कृष्ण की मधुर बांसुरी खामोश है कंस की विचारधारा फलफूल रही है । त्योहारों के देश में मौत एक पर्व बन गई है शर्मनाक हरकत लोगों के चेहरों को खिला दे रही है ज़रा सोचिए हम कहां हैं?
क्या ये कबीर का देश है ,क्या यहीं मीरा दीवानी थी?खुसरो रसखान क्या यहीं थे? क्या गरीब नवाज़ का यही भारत है?गुरु नानक देव के देश में यह क्या। हो रहा है किसी निहत्थे को मजलूम को कोई दरिंदा यूंही मार दे रहा है क्या हम इसके जिम्मेदार नहीं हैं ?
अगर आज आप धर्म के आधार पर अफसोस और खुशी का इजहार कर रहे हैं तो वह दिन दूर नहीं जब आप नफरत की आग में खुद को खुद ही जला रहे होंगे यह चेतावनी नहीं है यह एक हकीकत है हालांकि हम सच का सामना नहीं करना चाहते ।
सोशल मीडिया से नफरत का जिन्न अब बाहर निकल आया है अल्फाजों के ज़हर ने अपना काम पूरा कर दिया ,दलित शोषित समाज पर होने वाले ज़ुल्म पर भी हम खामोश थे नतीजा एक सामाजिक दरार है जो शायद ही कभी भरे अब सांप्रदायिक नफरत अपना काम कर रही है अंजाम आप खुद जानते हैं।
ईश्वर एक ही है लेकिन मेरा भगवान तुम्हारे भगवान से अच्छा की झूठी जंग जारी है मेरा धर्म तेरा धर्म ,मेरी आस्था तेरी आस्था ,आइए लड़ें बाद में कहेंगे ईश्वर तो एक ही है तबतक हम इंसान नहीं रहेंगे ।
अब हो सके तो गर्व से कहिए हमने विकास कर लिया है हम दानव हैं।यही है अगर न्यू इन्डिया तो आइए आपका न्यू इंडिया में स्वागत है शर्माईए नहीं।

Source: http://www.muslimera.com/2017/12/08/%e0%a4%a8%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a5%82-%e0%a4%87%e0%a4%a8%e0%a5%8d%e0%a4%a1%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a4%be-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%86%e0%a4%aa%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%b5/

Check Also

From the mystical to the political: What is Sufism?

WordForPeace.com There are three dimensions to the religion of Islam: The law, theology and spirituality. …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *