हजरत अली के फरमान Sayings of Hazrat Ali (r.a)

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जब नेमतों पर शुक्र अदा किया जाए तो वह कभी ख़त्म नही होती।

दुनिया अमल की जगह है, मौत के बाद हम को और तुम्हे पता चलेगा।

ज़िल्लत उठाने से बेहतर है तकलीफ उठाओ ..

हमेशा ज़ालिमों का दुश्मन और मज़लूमो का मददगार बन कर रहना ..

जाहिल के सामने अक़्ल की बात मत करो पहले वो बहस करेगा फिर अपनी हार देखकर दुश्मन हो जायेगा ..

इंसान मायूस और परेशान इसलिए होता है, क्योंकि वो अपने रब को राज़ी करने के बजाये लोगों को राज़ी करने में लगा रहता है।

कभी भी अपनी जिस्मानी ताकत और दौलत पर भरोसा न करना क्युँकि बीमारी और ग़रीबी आने में देर नही लगती …!

अगर दोस्त बनाना तुम्हारी कमज़ोरी है ,,, “तो” तुम दुनिया के सबसे ताक़तवर इंसान हो।

इन्सान का अपने दुश्मन से इन्तकाम का सबसे अच्छा तरीका ये है कि वो अपनी खूबियों में इज़ाफा कर दे !!

रिज्क के पीछे अपना इमान कभी खराब मत करो “क्योंकि नसीब का रीज़क इन्सान को ऐसे तलाश करता है जैसे मरने वाले को मौत ..

इख़्तियार, ताक़त और दौलत ऐसी चीजें हैं जिनके मिलने से लोग बदलते नहीं नक़ाब “होते हैं।

जो इनसान सजदो मे रोता है। उसे तक़दीर पर रोना नहीं पड़ता।

कभी तुम दुसरों के लिए दिल से दुवा मांग कर देखो तुम्हें अपने लिए मांगने की जरूरत नहीं पड़ेगी

‬किसी की आँख तुम्हारी वजह से नम न हो क्योंकि तुम्हे उसके हर इक आंसू का क़र्ज़ चुकाना होगा ..

किसी की बेबसी पर मत हसो ये वक़्त तुम पे भी आ सकता है ..

राज्य का खजाना और सुविधाएं मेरे और मेरे परिवार के उपभोग के लिए नहीं हैं, मै बस इनका रखवाला हूँ ..
– हजरत अली

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